पुलिस हिरासत में हुई प्रदीप की मौत का मामलाl दोषी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी की मांगl
पिलखुआ, पुलिस कस्टडी में हुई प्रदीप की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा हैl इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एक और जहां परिजनों ने प्रदेश मुख्यमंत्री योगेंद्र नाथ योगी को पत्र भेजकर दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी और आर्थिक सहायता की मांग की है वहीं दूसरी तरफ धौलाना बार एसोसिएशन ने पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलने तक हड़ताल पर रहने का ऐलान किया हैl
गारलैंड निवासी मृतक प्रदीप तोमर की पत्नी के अनुसार एक दैनिक अखबार में केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह के द्वारा पीड़ित परिवार को आपको मत से आर्थिक सहायता दिलाने का बयान जारी किया गया हैl जबकि पीड़ित परिवार को कुमत की ओर से अभी तक कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई हैl केंद्रीय मंत्री के बयान पर मृतक की पत्नी ने कहा है कि हकूमत पीड़ित परिवार पर झूठे आरोप लगा रही हैl अगर पीड़ित परिवार को शीघ्र इंसाफ नहीं मिला तो मृतक के परिवार आत्महत्या करने पर मजबूर होंगेl वहीं दूसरी तरफ धौलाना बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने हड़ताल करके कचहरी में मुलजिम पुलिस वालों की गिरफ्तारी की मांग की हैl पुलिस के उच्च अधिकारी और सरकार आरोपियों को बचाने में जुटी है किसी भी सूरत में प्रदीप की मौत का सौदा नहीं किया जाएगा याद रहे कि 14 अक्टूबर को कत्ल के एक मामले में पिलखवा पुलिस ने गालदँ निवासी प्रदीप तोमर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था जहां पुलिस ने प्रदीप तोमर की लाठी-डंडों से जमकर पिटाई की। जिसके चलते प्रदीप तोमर की पुलिस कस्टडी में मृत्यु हो गई थी। प्रदीप की मौत से पूरे राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है। पुलिस ने सरकार राज्य सरकार के इशारे पर मृतक के परिजनों पर दबाव बनाते हुए मामले को दबाने की कोशिश की परंतु विरोधी दलों ने हकूमत का घेराव करते हुए मृतक के परिवार के साथ मिलकर पुलिस अधीक्षक दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्य मंत्री मदन चौहान के नेतृत्व में मृतक परिवार ने एसपी को लिखित शिकायत देकर पिलखुवा क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक संतोष मिश्रा थाना इंचार्ज योगेश बालियान और चौकी इंचार्ज अजब सिंह समेत चार अन्य पुलिस कर्मियों पर प्रदीप की मौत का मामला दर्ज कराया है।