कमलेश तिवारी हत्याकांड के बाद मुस्लिम समुदाय के प्रति नफरत फैलाने को लेकर डासना देवी मंदिर के महंत के विरुद्ध मामला दर्ज करने की मांगl
डासना ,कमलेश तिवारी हत्याकांड के बाद दुर्गा देवी मंदिर डासना के महंत के द्वारा मुसलमानों के प्रति उत्तेजना जनक भाषण और व्यवहार से खिन्न होगा मुस्लिम युवा मंच के सदस्यों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर महंत के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की हैl इस सिलसिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन मंच के सदस्यों को दिया हैl वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में कमलेश तिवारी हत्याकांड के बाद डासना देवी मंदिर के महंत नरसिंह आनंद सरस्वती का एक वीडियो वायरल करके मुसलमानों को धमकाने और उत्तेजित करने की नापाक कोशिश की हैl वीडियो के जरिए मुसलमानों के घरों में कमलेश तिवारी के घर की तरह मातम मनवाने की धमकी देते हुए व हथियारों के बल पर सबक सिखाने के बात कहीं गई हैl तथा दुसरी वीडियो में इस्लाम को खत्म करने की बात कही गई है इससे पहले भी कई वीडियो में मंदिर में बंदूक लहराने की वीडियो वायरल हो चुकी हैं। और मसूरी थाने में इसके खिलाफ तीन एफ आई आर भी दर्ज हैं।
मुस्लिम युवा मंच के अध्यक्ष अब्दुल कादिर ने एक मुलाकात में हमें बताया कि नृसिंह सरस्वती जैसे लोग। अमन पसंद कस्बा डासना के साथ-साथ क्षेत्र और देश को नफरत की आग में झोंकने पर आमादा हैl याद रहे इससे पहले भी अनेकों बार इस महंत के द्वारा ऐतिहासिक कस्बा डासना और आसपास के क्षेत्रों में सांप्रदायिक उन्माद फैलाने भावनाएं भड़काने की नापाक साजिश की जाती रही हैl परंतु कस्बे और आसपास की अमन पसंद जनता ने इसके ऐसे प्रयासों की हर बार खुलकर मुखालफत की और इसके नापाक मंसूबों को अमल में नहीं आने दिया गयाl
कस्बा डासने का अपना एक इतिहास है, यहां आज तक कोई भी ऐसी घटना नहीं हुई है जिसके चलते यहां के लोगों को अपना सिर झुकाना पड़े। सन 1947 में जब पूरा देश सांप्रदायिक उन्माद की आग में झुलस रहा था उस समय भी यहां के लोग आपस में मिलजुल कर रहने के साथ-साथ अमन चैन बनाए रहे। कस्बे के अस्तित्व में आने के बाद से लेकर आज तक सभी लोग आपस मैं मिलजुल कर रहते आए हैं। परंतु जब से महंत नरसिंह आनंद सरस्वती ने अपने कदम रखे हैं वह इन प्रयासों में जूटा है कि यहां का अमन-चैन बर्बाद हो। इसलिए समय-समय पर यहां के असामाजिक तत्व और दिशाहीन युवाओं को साथ लेकर कस्बे को आग के हवाले कर देने पर आमादा है। अनेकों बार इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से स्थानीय जनता ने की परंतु एक बार भी इसे ऐसा करने से रोकने का कोई प्रयास मसूरी पुलिस द्वारा नहीं किया गया है।