देश में आपसी सौहार्द का वातावरण बनाएंl


मोहम्मद अहमद तेली
  .......................................   . मेरे बुजुर्गों साथियों दोस्तों अब से 3 दशकों पहले तक हमारे देश की जनता धर्म जाति भाषा और क्षेत्रवाद की भावनाओं से ऊपर उठकर देश के राजनेताओं धर्मगुरु, स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ साथ समाज सेवी  संगठनों की यह बातें प्यार और पूरी आत्मीयता के साथ सुनकर उनके बताए बातों को मानने और उनका अनुसरण करने का प्रयास करती थीl जानते हो ऐसा क्यों कर हमारी देश की जनता करती थी l अगर नहीं जानते तो मैं आपको समझाने बताने का प्रयास कर रहा हूं lसभी लोग हमारी बातों विचारधाराओं से सहमत हो यह बात तो साफ नजर नहीं आती मगर इतना जरूर है कि ज्यादातर लोग हमारी बातों से हमारी राय से सहमत जरूर होंगेl साथियों हमारे विचार हालात और विचारधारा जानने के लिए आप सभी पाठकों को नफरत भेदभाव का चश्मा जो तकरीबन हम सब ने लगा रखा है उसे आज अपनी आंखों से उतारकर मेरी विचारधारा हालात का अवलोकन करना होगl  मेरा यकीन है कि हमने इस बात से सहमति जताते हुए धर्म जाति समुदाय की भावनाओं से ऊपर उठकर इमानदारी और संजीदगी के साथ अपनी सोच व्यवहार पर ध्यान दिया तो यकीनन मुल्क से धार्मिक कट्टरता छुआछूत मिटते देर नहीं लगेगीl और हमारा मुल्क फिर से दुनिया में अपना खोया हुआ मुकाम हासिल कर सकेगाl
साथियों आपने देखा और सुना होगा बल्कि  आपने किताबों अखबारों में पढ़ा भी होगा भी कि पहले हमारे मुल्क के सियासत दां,धर्मगुरु, स्वयंसेवी संगठन  सब के सब धार्मिक भावनाओं से  ऊपर उठकर अपने अपने धर्मों पर पूरी निष्ठा और ईमानदारी पर अमल करते हुए अपने धार्मिक त्योहारों रीति-रिवाजों क्रियाकलापों पूजा-अर्चना और रोजा नमाज अदा करने के साथ-साथ मुल्क की खुशहाली और तरक्की के लिए आपस में मिलकर सिर जोड़कर कोशिश और प्रयास करते थेl जिसके चलते देश में खुशहाली एकता सद्भाव सामाजिक मेल मिलाप और देश को ऊंचाइयों तक ले जाने की कोशिश करते थेl एक दूसरे से विचारों क्रियाकलापों में बड़ा फर्क होने के बावजूद भी और खास तौर पर ध्यान देते थे तवज्जो देते थे lमगर बदकिस्मती से इन तीन दशकों में अपने देश के तमाम राजनीतिक दल उनसे जुड़े नेता धर्मगुरु तथा स्वयंसेवी संगठनों ने अपनी अपनी इच्छाएं नीतियां एक दूसरे से आगे निकलने की दौड़ और इरादे में अपनी नजरें देश की खुशहाली तक की एकता अखंडता भाईचारे को मजबूती देने के बजाय इसके खिलाफ रास्ता अपना लिया हैl किसी भी दल अथवा पक्ष को चाहे वह हिंदू हो मुसलमान हो उसी को या किसी अन्य पक्षी से संबंध रखता हो सभी ने अपनी राजनीतिक इच्छा पूर्ति और निजी स्वार्थों को हासिल करने के लिए इस मुल्क में रहने वाली आवाम को आपस में हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई और अन्य धर्मों के मानने वाले लोगों को एक दूसरे का विरोधी ,मुखालिफ बनाकर  एक दूसरे के सामने लाकर खड़ा करने का काम ही नहीं किया कलबल्कीसाजिशों को शिखर तक पहुंचा दिया है lजिसके चलते कुछ भटके हुए कम पढ़े लिखे तथा अशिक्षित ही नहीं बल्कि शिक्षित समुदाय का एक बड़ा तबका आपस में एक दूसरे का दुश्मन बन गया हैl छोटी-छोटी बातों  या छोटी घटनाओं को भी लोगों ने इतना बड़ा बना दिया है कि हम आपसी रिश्तो को पूरी तरह तिलांजलि देने का इरादा किए हुए हैंl पहले यह बीमारी शहरों तक सीमित थी लेकिन आज यह बीमारी गांव गांव गली गली तक पहुंच गई है और इसके जाल में फस कर सभी धर्मों के मानने वाले अधिकांश लोग न सही कुछ लोग जरूर इससे प्रभावित हुए हैंl और वह इन तथाकथित राजनेताओं , धार्मिक संगठनों के इशारे पर अनजाने में कठपुतली बने हुए हैंl जिसके चलते देश विकास और तरक्की की दौड़ में काफी पीछे चला गया है इसके बाद जो देश आजाद हुए उनमें से कई  देश विकास की दौड़ में अपने मुल्क हिंदुस्तान से आगे निकल चुके हैंl जो हम सब के लिए चिंता का विषय हैl साथियों हमें हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई के साथ-साथ भाषा और क्षेत्र की भावनाओं से ऊपर उठकर सोचना होगा और जो लोग देश को विघटन की ओर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं उनको सबक सिखाने के साथ-साथ देश की तरक्की के लिए मिलकर के काम करना होगाl तभी हम अपना खोया हुआ मुकाम दुनिया में दोबारा से हासिल करने में कामयाब हो पाएंगे अन्यथा नहींl मेरी सभी देशवासियों से विनती है कि इस मुद्दे पर आपसी मतभेद को भुलाकर के राष्ट्र की एकता अखंडता की मजबूती के लिए काम करें और जो लोग भटके हुए हैं उन्हें सही दिशा में लाने का प्रयास करेंl


India covid cases graph

Popular News

शिक्षकों के ख़िलाफ़ जांच नहीं कर सकेंगे महानिदेशक

तरबियती कैंप में हाजियों को दिए टिप्स: हज करने का तरीक़ा और ज़रूरी सामान के साथ ही मसाइल से भी कराया रूबरू

आठवीं पास भी बन सकेंगे अग्निवीर

दिन में छह बार देनी होगी बेसिक शिक्षकों को अपनी हाज़िरी, अपलोड करना होगा सेल्फी से सुबूत

ख़त्म होगा पांच साल का इंतज़ार, परिषदीय शिक्षकों की पदोन्नति का शासन को भेजा प्रस्ताव

समस्या और तनाव प्रबंधन के गुर सीखने के बाद अध्यापक बनाएंगे आत्मजागरूक और साहसी समाज

विशेष दिनों के प्रति जागरूक करते हुए छात्राओं को बांटे सैनिटरी पैड्स